दोस्तों बहुत-बहुत स्वागत है आप सभी का आज के इस आर्टिकल में। आज हम बात करने वाले हैं ब्लॉगिंग की जान कहे जाने वाले SEO की। आज हम बताएंगे कि SEO क्या होता है, और यह कैसे किया जा सकता है? और SEO क्यों जरूरी होता है। अगर आर्टिकल पसंद आए तो हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताएं। साथ में इस आर्टिकल को अपने फ्रेंड्स के साथ शेयर करें। सबसे पहले हम जानेंगे कि SEO क्या होता है। in hindi

SEO क्या होता है?in hindi

हर कोई अपना कंटेंट बनाता है, चाहे वह वीडियो को या फिर आर्टिकल्स। उन्हें देखने वाले भी कई लोग हैं। पर उनको दूसरों तक पहुंचाया कैसे जाए। ये सवाल आता है। उसके काम आता है SEO|
लेकिन इसके लिए आप के कंटेंट को फर्स्ट पेज पर आना पड़ता है गूगल के। इससे लोगों तक आपका कंटेंट पहुंचता है ,आपके यूजर्स बढ़ते हैं और साथ में आप पर ट्रस्ट भी बढ़ता है लोगों का। और हर कोई चाहता है कि उसका कंटेंट उसकी वेबसाइट गूगल पर सबसे ऊपर रैंक करें। इससे आपको दो फायदे होते हैं एक तो आपके वेबसाइट पर ज्यादा ट्रैफिक आता है ।जिससे आपकी अर्निंग भी होती है, दूसरा आप पर लोगों का ट्रस्ट पर बढ़ता है। उदाहरण के लिए आप ऐसे समझ सकते हैं मानलीजिए आपके कोई आर्टिकल को कोई गूगल पर सर्च करता है तो ऊपर आना चाहिए। परंतु कई लोगों ने पहले से ही उस टॉपिक पर अपलोड किए गए होते हैं आर्टिकल इस कारण आपका आर्टिकल आपको ऊपर नहीं आ पाता है।इसी कारण करा जाता है SEO। उम्मीद करते हैं आप SEO को समझ गए होंगे। अब हम आपको बताएंगे कि SEO का पूरा नाम क्या होता है

SEO का पूरा नाम क्या होता है‌ ?

SEO(Search Engine Optimization)।करना क्यों जरूरी है?

SEO करना क्यों जरूरी है? अब तक आपने जान तो लिया ही होगा कि SEO क्या होता है और इस का फुल फॉर्म क्या होता है। SEO क्यों जरूरी है? मानलीजिए आपने एक अच्छी हाई क्वालिटी वाली वेबसाइट बना रखी है, और अच्छा कंटेंट भी है लेकिन अब उसको लोगों तक कैसे पहुंचेंगे? अब अगर मैं आपसे पूछूं कि आपने यह सब कर रखा है और लोग आपकी वेबसाइट पर TRAFFIC आ ही नहीं रहे तो क्या यूज है आपकी वेबसाइट का। अगर हम SEO नहीं करेंगे तो कोई फायदा ही नहीं है| इसी कारण हमने आपको बताया सबसे पहले कि SEO को ब्लॉग का जान कहा जाता है। उदाहरण के लिए आप ऐसे समझ सकते हैं कि अगर आपने ऐसा कोई कीबर्ड पर आर्टिकल लिखा ही नहीं है जो कि ज्यादा हाई सर्च वॉल्यूम है तो आपके वेबसाइट पर ट्रैफिक आएगा ही नहीं। हां अगर आप यह समझ रहे हैं कि SEO ज्यादा कठिन है तो ऐसा नहीं है SEO बहुत सरल है और कोई भी अच्छे से सीखकर कर सकता है। लेकिन बस जरूरत होती है अपडेट रहने की। हां और आपको बता दें कि SEO का रिजल्ट इतनी जल्दी नहीं आता है इसका रिजल्ट देर में आता है तो थोड़ा आपको पेशेंस भी रखना होता है। ऐसा नहीं कि बहुत जल्दी ही इसका रिजल्ट देखने को मिल जाए। अब हम जानेंगे कि SEO कितने प्रकार का होता है?

SEO कितने प्रकार का होता है? in hindi

SEO कितने प्रकार का होता है? in hindi

यह दो प्रकार का होता है।
1.ON PAGE SEO
2.OFF PAGE SEO
यह दोनों ही एक दूसरे से अलग होते हैं और दोनों ही अलग-अलग तरीके से करें जाते हैं, तो हम आपको दोनों के बारे में बताते हैं अलग-अलग।

ON PAGE SEO क्या होता है? in hindi

इसको देखने से ही आशय होता है कि इसका अधिकतर काम पेज पर ही होता है। वह कैसे तो हम आपको बताते हैं। इसमें खासतौर से काम किया जाता है पेज को SEO FRIENDLY बनाने में। इसमें काम आता है आर्टिकल को अच्छे से लिखना है टाइटल ,मेटा डिस्क्रिप्शन और भी कई चीजों का ध्यान रखना। कीवर्ड का यूज करना जो कि सर्च वॉल्यूम में ज्यादा हो। और खासतौर से ऐसे सभी काम करना है जिससे वेबसाइट रैंक करें। चलिए अब जानते हैं।

OFF PAGE SEO क्या होता है? in hindi

जैसा कि इसको बोलने से ही पता चल रहा है कि इसका काम पेज के बाहर का ही होता है। जितना जरूरी ऑन पेज है उतना ही ऑफ़ पेज SEO भी है। अगर आप इसमें इसका मेन उद्देश्य पूछे तो इसका मुख्य उद्देश्य होता है आपके ब्लॉग का प्रमोशन करना। जैसे कि ब्लॉग के लिंक का दूसरी जगह कमेंट करके पोस्ट करना या फिर गेस्ट पोस्टिंग भी इसमें हम ले सकते हैं उदाहरण के तौर पर। इसे बैकलिंकिंग भी कहते हैं। कहा जाए कि ट्रैफिक को बढ़ाने के लिए यह बहुत ही जरूरी है। उम्मीद करते हैं SEO के सारे जवाब मिल गये होंगे। अगर आर्टिकल पसंद आया तो इस आर्टिकल को शेयर करें अपने फ्रेंड्स के साथ। ऐसे आर्टिकल के लिए , हमारे साथ जुड़े रहे हैं। अगर आप किसी विशेष TOPIC पर आर्टिकल चाहते हो तो वह भी लिख सकते हैं कमेंट बॉक्स में।
आपने अपना कीमती और बहुमूल्य समय दिया इसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।
फिर मिलेंगे अगले आर्टिकल मे।
नमस्कार\

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